8th Pay Commission Salary Hike: केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो चुकी हैं। 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों की अवधि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो रही है, जिसके बाद नए वेतन आयोग के लागू होने की प्रक्रिया शुरू होना तय मानी जा रही है। सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग के गठन और इसके टर्म्स ऑफ रेफरेंस को मंजूरी दिए जाने के बाद अब वेतन और पेंशन में संभावित बढ़ोतरी को लेकर तस्वीर धीरे-धीरे साफ होती जा रही है। यह बदलाव लाखों कर्मचारियों के लिए आय और जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद लेकर आया है।
8वें वेतन आयोग की मौजूदा स्थिति
सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन को औपचारिक मंजूरी दे दी है और आयोग ने अपना कार्य प्रारंभ कर दिया है। न्यायमूर्ति रंजना देसाई की अध्यक्षता में गठित यह आयोग कर्मचारियों के वेतन ढांचे, भत्तों और पेंशन से जुड़े पहलुओं की समीक्षा कर रहा है।
- 7वें वेतन आयोग की अवधि दिसंबर 2025 में समाप्त
- 8वें वेतन आयोग को औपचारिक स्वीकृति
- टर्म्स ऑफ रेफरेंस तय
- वेतन और पेंशन ढांचे की व्यापक समीक्षा
इन संकेतों से साफ है कि आने वाले वर्षों में वेतन संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
8वां वेतन आयोग कब लागू होने की संभावना
फिलहाल सरकार ने 8वें वेतन आयोग को लागू करने की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की है। परंपरागत रूप से किसी भी वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने में लगभग 18 महीने का समय लगता है। इसके बाद रिपोर्ट को लागू करने में अतिरिक्त समय लगता है।
- रिपोर्ट तैयार करने में अनुमानित 18 महीने
- प्रशासनिक स्वीकृति में 3 से 6 महीने
- संभावित लागू होने की अवधि 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत
इस आधार पर माना जा रहा है कि कर्मचारियों को नई सैलरी का लाभ 2027–28 के आसपास मिल सकता है।
वेतन और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी की उम्मीद
आर्थिक विशेषज्ञों और विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, 8वें वेतन आयोग के लागू होने से वेतन और पेंशन में 30 से 34 प्रतिशत तक की वृद्धि संभव मानी जा रही है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगी।
- अनुमानित वेतन वृद्धि 30 से 34 प्रतिशत
- फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.46 के बीच
- महंगाई भत्ते को बेसिक सैलरी में शामिल करने पर विचार
यदि ये अनुमान सही साबित होते हैं, तो कर्मचारियों की कुल मासिक आय में उल्लेखनीय इजाफा देखने को मिलेगा।
न्यूनतम वेतन में संभावित बदलाव और लेवल-वाइज सैलरी चार्ट
वर्तमान में लेवल-1 के कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 है। भत्तों को जोड़ने के बाद उनकी ग्रॉस सैलरी लगभग ₹35,000 प्रति माह बनती है।
- मौजूदा न्यूनतम ग्रॉस सैलरी लगभग ₹35,000
- 34 प्रतिशत वृद्धि के बाद अनुमानित सैलरी ₹46,000 से ₹47,000
- मासिक आय में लगभग ₹11,900 की बढ़ोतरी
उच्च वेतन स्तरों जैसे लेवल-6, लेवल-10 और उससे ऊपर के अधिकारियों को इससे कहीं अधिक लाभ मिलने की संभावना है।
एरियर के रूप में मिल सकता है बड़ा फायदा
वेतन आयोग लागू होने पर एरियर कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण होता है। यदि सिफारिशें पिछली तारीख से लागू की जाती हैं, तो कर्मचारियों को एकमुश्त बड़ी राशि मिल सकती है।
- संभावित एरियर अवधि 24 महीने तक
- मासिक ₹11,900 बढ़ोतरी पर लगभग ₹2.85 लाख का एरियर
- उच्च वेतन स्तर पर एरियर की राशि और अधिक
यह एकमुश्त भुगतान कर्मचारियों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
पेंशनभोगियों पर 8वें वेतन आयोग का असर
8वां वेतन आयोग केवल सेवारत कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पेंशनभोगियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
- पेंशन में फिटमेंट फैक्टर के आधार पर वृद्धि
- महंगाई के प्रभाव से राहत
- वरिष्ठ नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा में सुधार
इससे रिटायर्ड कर्मचारियों की क्रय शक्ति बढ़ने की उम्मीद है।
कर्मचारियों और अर्थव्यवस्था पर समग्र प्रभाव
8वें वेतन आयोग से न केवल कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की आय बढ़ेगी, बल्कि इसका व्यापक असर अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा।
- बढ़ी हुई आय से उपभोक्ता खर्च में इजाफा
- बाजार और मांग में मजबूती
- जीवन स्तर में सुधार
- आर्थिक गतिविधियों को गति
हालांकि अंतिम फैसला सरकार और आयोग की आधिकारिक रिपोर्ट पर निर्भर करेगा, लेकिन मौजूदा संकेत यही बताते हैं कि 8वां वेतन आयोग सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ा आर्थिक बदलाव साबित हो सकता है।